माफ करना

कोई भी बुराई कर सकता है, निन्दा कर सकता है, शिकायत कर सकता है, पर समझने और माफ करने के लिए किसी को समझदार और संयमी होना पड़ता है,

 लोगो की आलोचना करने के बजाय हमें उन्हें समझने की कोशिश करना चाहिए की कोई अगर आपके प्रति नाराज है या आलोचक है तो वो किस कारण से ऐसा कर रहा है;

किसी को गलत ठहराने से ज्यादा बेहतर है की आप उस नजरिये को सोचो, इससे आपके अन्दर सहानभूति , सहनसक्ति और दयलुता जैसी भावनाये आएँगी , सबको समझने का मतलब है सबको माफ़ करना।

डॉ जॉनसन ने कहा था क़ि  ” भगवान खुद आदमी का मौत से पहले उसका फैसला नही करता ”                                              तो हम और आप ऐसा करने वाले कौन हैं??

माफ़ करना सीखो।।


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20 thoughts on “माफ करना

    1. Thanks for showing us how useful ratios are. I’ve been using them more and more in my cooking and getting be;8#r&et211tI swear! no really! Just treated myself to the Bread app. I’ve been dabbling in bread baking and want to make my own sourdough started and figured I could do it–with your help.

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  1. सही बात कही आपने। कीसी की टीका टीप्पणी करने से पहले दोनो बाजूके पहलू से शोचना चाहिए ।

    Liked by 1 person

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