खुद पर प्यार बेशुमार आया

मैंने आईने में खुद को देखा तो ,ख्याल आया , खुद पर खुद से ही ऐतबार आया ,

खुद पर भरोसा तो कर , तुझे अभी मंजिल पाना हैं , यूं न भटक, ये पैगाम आया ,

मैंने खुद को आईने में देखा तो ये ख्याल आया ,

तू खुद की कर इरादे बुलंद इतने की तेरे आगे थक कर चूर हो जाये तेरे बुरे वक्त , ये सवाल बार बार आया ‘ , चलना है अभी कठीन रास्ते , पहुँचना है अभी मुझे मंजिल तक , ये सोच कर करार आया, मैंने खुद को आइने में देखा तो ये ख्याल आया ,

सुख दुख तो रास्ते के सफर हैं, उनके साथ ही सबको करना गूजर है , मेरे उम्मीदों को नया जान आया , मुझे खुद पर आज प्यार आया , वो भी बेशुमार आया ,

मेरे हौसलों और ज़ज़्बों में निखार आया , मैंने खुद को आइने में देखा तो ख्याल आया , खुद पर प्यार बेशुमार आया !!!

Advertisements

12 thoughts on “खुद पर प्यार बेशुमार आया

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s