दृष्टिकोण

नजरिया अपना अपना होता है, किसी को कोई चीज मुफ्त मे पाना अच्छा लगता है तो कोई अपनी मेहनत करके पाना चाहता है और लोगो में बाटना भी चाहता है| और कुछ ऐसे भी लोग होते हैँ कि जो हमेशा खामियां ही निकालेंगे, उनका सोचने का, देखने का दृष्टिकोण हमेशा नकारात्मक रहता है |ये आम बात है कि आपको कई ऐसे लोग मिलेंगे जो हमेशा खामियां ही देखेंगे, वो कभी किसी का प्रशंसा करना नहीं जानते, उनका दृष्टिकोण हमेशा नकारात्मक रहेगा| ऐसे व्यक्तियों से हमेशा दुरी बनाये रखे, ऐसे व्यक्तियों की कोशिश आपकी सफलता में सहायता करने की अपेक्षा आपको पिछे ही ढकेलती रहेगी|इसलिए अपने खुद कि तुलना अन्य लोगो से न करें, और न ही अपना आत्मविश्वास खोये, चाहे कुछ भी हो हर इंसान को आशा का दामन कभी नहीं छोड़ना चाहिए, हर रात के बाद एक नई सुबह निश्चित ही आती है | इसलिए अपना खुद का दृष्टिकोण सकारात्मक रखें |

—– खुशबू अभिषेक पाण्डेय

4 thoughts on “दृष्टिकोण

  1. ज़िंदगी हर पल ढलती है;
    जैसे रेत मुट्ठी से फिसलती है;
    कितने भी गम हो हर हाल में हँसते रहना;
    क्योंकि ये ज़िंदगी ठोकरों से ही संभलती है।

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