खुद पर प्यार बेशुमार आया

मैंने आईने में खुद को देखा तो ,ख्याल आया , खुद पर खुद से ही ऐतबार आया ,

खुद पर भरोसा तो कर , तुझे अभी मंजिल पाना हैं , यूं न भटक, ये पैगाम आया ,

मैंने खुद को आईने में देखा तो ये ख्याल आया ,

तू खुद की कर इरादे बुलंद इतने की तेरे आगे थक कर चूर हो जाये तेरे बुरे वक्त , ये सवाल बार बार आया ‘ , चलना है अभी कठीन रास्ते , पहुँचना है अभी मुझे मंजिल तक , ये सोच कर करार आया, मैंने खुद को आइने में देखा तो ये ख्याल आया ,

सुख दुख तो रास्ते के सफर हैं, उनके साथ ही सबको करना गूजर है , मेरे उम्मीदों को नया जान आया , मुझे खुद पर आज प्यार आया , वो भी बेशुमार आया ,

मेरे हौसलों और ज़ज़्बों में निखार आया , मैंने खुद को आइने में देखा तो ख्याल आया , खुद पर प्यार बेशुमार आया !!!

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हिम्मत …

हमारे हिम्मत न कर पाने का कारण यह नहीं है, कि कुछ कर पाना कठिन है।
बल्कि कुछ कर पाना कठिन इसलिए है कि हम हिम्मत ही नहीं करते। हिम्मत करके आगे बढ़ने से कई सारे मुश्किलें आसान हो जाती है कुछ समस्याएं बस हिम्मत करने भर से ही हल हो जाती है ¦ जिंदगी में एक पल ऐसा आता है की हमारा मन और दिमाग कहता है की बस हो गया मत करो ये काम तुम नहीं कर सकते ;आचानक से दिल से एक आवज निकलती है हिम्मत करके एक बार कोशिश तो करो बस उसी समय से हमारी सारी मुश्किलें आसान हो जाती हें

इसलिये हिम्मत तो करो मुश्किलें खुद बखुद आसान हो जायेगीं !!!

उम्मीद

क्या आप जानते हैं सब कुछ खो देने से बुरा क्या होता है ?

उस उम्मीद खो देना जिसके दम पर हम सब कुछ दुबरा हासिल कर सकते हैं।

इसलिए ज़िन्दगी के किसी भी परीक्षा में आशा नही खोना चाहिए क्योंकि हर परीक्षा का फल आता है । इसलिए ज़िन्दगी में कभी उम्मीद नही हारनी चाहिए क्या पता इस बार के परीक्षा में आप अव्वल आये।

ज़िन्दगी अक्सर ख्वाइशें से भरी होनी चाहिए अक्सर उम्मीदें कुछ बेहतर करने की चाह देती है।

कठिन परिश्रम

शब्दकोष ही एक ऐसी जगह है जहाँ ‘सक्सेस ’ ‘वर्क ’ से पहले आता है .कठिन परिश्रम वो कीमत है जो हमें सफलता के लिए चुकानी पड़ती है . मुझे लगता है कि यदि आप कीमत चुकाने को तैयार हों तो आप कुछ भी पा सकते हैं !!

नजरिया

आपकी जिन्दगी इस से निश्चित नहीं होती कि जिन्दगी आपके लिए क्या लेकर आती है

जबकि ये निर्भर करता है आपके रवैये पर जो आप जिन्दगी के लिए रखते है |

सो यह निर्भर करता है आप किस नजरिये से चीजों को देखते है !

फिर जैसी आपकी नज़रिया होगी उस हिसाब से वो चीज़ आपको खूबसूरत या बदसूरत दिखेगी,

इसलिए नजरिया बदलों चीज़े अपने आप बदल जायेगी ये इस बात पर निर्भर करती है की आप की नज़रिया कैसी है ,सकारात्मक या नकारात्मक।

आज का ज्ञान

बीते समय के लिए मत रोइए , वो चला गया ,

और भविष्य की चिंता करना छोड़ो क्यूंकि वो अभी आया ही नहीं है ,

वर्तमान में जियो ,

इसे सुन्दर बनाओ।।।

एक निश्चय

इंसान को  कभी भी किसी भी कार्य को करने में अपने आप को  असमर्थ नही समझना चाहिए । अपने आप को कभी भी अयोग्य न माने , मन में ठान ले  फिर जीत तुम्हारी है।      

 संसार में कोई भी कार्य ऐसा नही है  जो आप नही कर सकते । जरुरत  है शक्ति और दृढ़ निश्चय की । दृढ़ निश्चय करें , शक्ति जुटाए सफलता आपके चरण चूमेगी।।                  यदि आप कोई कार्य करना चाहते हैं तो श्रम से कमर कस लें ।

परम पिता परमात्मा की छाया आप पर है ।।।

सुविचार..

यह महत्वपूर्ण नहीं है की दूसरे आपको कैसे देखते है,
महत्वपूर्ण यह है के आप अपने आप को कैसे देखते है.