ज्ञान बोझ है यदि…..

ज्ञान बोझ है यदि वह आपके भोलेपन को छीनता है .ज्ञान बोझ है यदि वह आपके जीवन में एकीकृत नहीं है .ज्ञान बोझ है यदि वह प्रसन्नता नही लाता .ज्ञान बोझ है यदि वह आपको यह विचार देता है कि आप बुद्धिमान हैं . ज्ञान बोझ है यदि वह आपको स्वतंत्र नहीं करता .ज्ञान बोझ है यदि वह आपको यह प्रतीत कराता है कि आप विशेष हैं .

आज की बात

जब आप अपना दुःख बांटते हैं , वो कम नहीं होता. जब आप अपनी ख़ुशी बांटने से रह जाते हैं, वो कम हो जाती है.अपनी समस्याओं को सिर्फ ईश्वर से सांझा करें , और किसी से नहीं, क्योंकि ऐसा करना सिर्फ आपकी समस्या को बढ़ाएगा.अपनी ख़ुशी सबके साथ बांटें.

आस पास है फिर भी एक एहसास है जिन्दगी…..

किसी ने न समझा कि क्या है जिन्दगी, आस पास है फिर भी एक एहसास है जिन्दगी,   उदासी के पल  के बाद खुशियों की सौगात है जिन्दगी।                                                       कभी खामोशी तो कभी आवाज़ है ज़िन्दगी ,  विश्वास हो अपनों का तो लगती खास है ज़िन्दगी,  सफ़र अकेला है तो वीरान है ज़िन्दगी,। 

किसी ने न समझा क्या है ज़िन्दगी,आस पास है पर एहसास है जिन्दगी,।                                                                           कभी धुप तो कभी छाँव है जिंदगी,  कभी ज़िन्दगी पहेली है कभी लगती सहेली है, कभी उपहार तो कभी बहार है जिन्दगी, ।

किसी ने न समझा की क्या है जिन्दगी,  कभी इम्तिहान तो कभी आसान है जिन्दगी, खट्टी मीठी यादों से गुलज़ार है जिन्दगी, किसी ने न जाना की क्या है ज़िन्दगी आस पास है फिर भी एहसास है जिन्दगी।।

ईमानदारी

ईमानदरी नैतिक चरित्र का तत्व है, ईमानदारी बहुत ही कीमती और महत्वपूर्ण है।ईमानदारी एक व्यक्ति को अच्छाई के रास्ते पर ले जाती है जो दिल में सच्ची ख़ुशी देती है।

ईमानदारी वो नीव है जो रिश्ते का स्थिर व् विश्वसनीय महल बनाती है। ईमानदारी से मन को भी शान्ति मिलती है, ईमानदारी जिंदगी में एक बेहतर निर्णय लेने और जीवन की मूल्यों को सुधारने के लिए एक सकारात्मक नजरिया बनाती है।

ईमानदारी अगर रिश्ते में हो तो रिश्ता महकने लगता है,  ईमानदारी अगर खुद के चरित्र में हो तो  जिन्दगी  खुशनुमा सी लगती है। 

 सुविचार

“जीवन या तो स्वीकार किया जा सकता है या बदला जा सकता है। अगर स्वीकार न किया जाए तो बदलना आवश्यक है। और अगर बदला नहीं जा सकता, तो स्वीकार करना आवश्यक है।”

 सुविचार

जीवन में किसी की निंदा मत कीजिए| अगर आप किसी की मदद कर सकते है, तो उसकी तरफ मदद का हाथ बढ़ाइये| अगर आप किसी की मदद नहीं कर सकते तो अपने हाथ जोड़िये, शुभकामनाएं दीजिए और उन्हें अपने लक्ष्य पर जाने दीजिए|

सुविचार

जिंदगी एक परीक्षा है| ज्यादातर लोग इसमें असफल हो जाते है क्योंकि वे दूसरों की नक़ल करते है| वे यह नहीं समझ पाते कि सबके प्रश्नपत्र अलग-अलग होते है|

 सुविचार

जो अच्छे हैं उनके साथ अच्छा व्यवहार करो, और जो अच्छे नहीं हैं उनके साथ भी अच्छा व्यवहार करो. इस तरह से अच्छाई प्राप्त होती है. उनके साथ ईमानदार रहो जो ईमानदार हैं ,और उनके साथ भी ईमानदार रहो जो ईमानदार नहीं हैं. इस तरह से ईमानदारी प्राप्त होती है.

एक नाम रहा…

आँखो में पहचान रहा, मन में एक तूफान रहा,                      होंठो पर फरियाद रहा,                                                       दिल में एक नाम रहा,

खुदा से कुछ सिफारिश की, फिर थोड़ी सी गुज़ारिश की,        लव ने भी इबादत की, फिर आँखों में एक ख्वाब रहा,           दिल में एक नाम रहा,

मन का मन से वादा था,कुछ तो था पर वो आधा था,              एक ख्वाब था पर वो जुदा था,  दिल को एतबार रहा,      दिल में एक नाम रहा,

मन में कुछ चाहत थी , सपनो की एक आहात थी,          दिल की भी कुछ फरमाइश थी,                                        उम्मीदों का सैलाब रहा,                                                       बस दिल में एक नाम रहा,आँखों में पहचान रहा।।