सुविचार

जिंदगी एक परीक्षा है| ज्यादातर लोग इसमें असफल हो जाते है क्योंकि वे दूसरों की नक़ल करते है| वे यह नहीं समझ पाते कि सबके प्रश्नपत्र अलग-अलग होते है|

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 सुविचार

जो अच्छे हैं उनके साथ अच्छा व्यवहार करो, और जो अच्छे नहीं हैं उनके साथ भी अच्छा व्यवहार करो. इस तरह से अच्छाई प्राप्त होती है. उनके साथ ईमानदार रहो जो ईमानदार हैं ,और उनके साथ भी ईमानदार रहो जो ईमानदार नहीं हैं. इस तरह से ईमानदारी प्राप्त होती है.

एक नाम रहा…

आँखो में पहचान रहा, मन में एक तूफान रहा,                      होंठो पर फरियाद रहा,                                                       दिल में एक नाम रहा,

खुदा से कुछ सिफारिश की, फिर थोड़ी सी गुज़ारिश की,        लव ने भी इबादत की, फिर आँखों में एक ख्वाब रहा,           दिल में एक नाम रहा,

मन का मन से वादा था,कुछ तो था पर वो आधा था,              एक ख्वाब था पर वो जुदा था,  दिल को एतबार रहा,      दिल में एक नाम रहा,

मन में कुछ चाहत थी , सपनो की एक आहात थी,          दिल की भी कुछ फरमाइश थी,                                        उम्मीदों का सैलाब रहा,                                                       बस दिल में एक नाम रहा,आँखों में पहचान रहा।।

खुशी

दुनीया में हर आदमी ख़ुशी की तलाश में हैं_ और इसे हासिल करने का एक ही रास्ता है अपने विचारों को नियन्त्रित करके  ख़ुशी हासिल करना। ख़ुशी हमारी बाहरी परिस्थितियों पर निर्भर नही करती, यह तो हमारे अंदरुनी परिस्थितियों  पर  निर्भर करती है।

सुख या दुःख का इस बात से कोई संबध नहीं है कि आपके पास कितना है या आप क्या है या आप कहाँ हैं या आप क्या कर रहें हैं। इसका संबध तो इस बात से है कि  आप इस बारे में क्या सोचते हैं , आप क्या सोंचकर खुश होते हैं जिससे आपको ख़ुशी मिलती है।

ख़ुशी का नाम सुनते ही चेहरे पर रौनक आ जाती है।।          हर बात में ख़ुशी है, अंतर केवल हमारे सोचने और समझने का है , यदि हम प्रयास करें तो अपने चारो ओर बिखरी खुशियों को इकठ्ठा कर सकतें हैं।।                                 प्रसन्न चेहरा , अच्छा आचरण और नर्म लहजे में बतचीत ऐसे गुण है की जिन्हें हर कोई पसंद करता है और दूसरो से इसकी आशा रखता है।इसलिये हमेशा खुश रहे ।।।

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I am overwhelmed to share this!!                  

I started blogging in the back 4 months , I simply didn’t. Hope for the number of followers to increase me a short time..

Thank you all my followers and reders.           Love you all…….

मेरी प्यारी नानी

  मै आज की ये रचना अपनी नानी को  dedicate करती हूँ

नानी वो शब्द है जिसे सुनकर  हमारे आँखों में चमक आ जाती है और मन बचपन के यादो में कही खो जाता है,      नानी जिसे हर चीज का तज़ुर्बा  दुगुना होता है क्योंकि वो हमारे माँ की भी माँ होती हैं, वो हर बात में कठोर नही होती थीं , वो हमारे शैतानियों को भी अक्सर छुपा जाती थीं,      इसलिए तो वो बचपन से अबतक हमारे लिए अत्यधिक प्यारी थीं।

मेरी नानी जिनका कल स्वर्गवास हो गया, वह बहुत नेक दिल और दिल की साफ़ महिला थी, बहुत बड़ा दिल था उनका,   हमने अपने दादी को कभी नही देखा क्योंकि बहुत पहले ही उनका स्वर्गवास हो गया था, पर अपने नानी से जो प्यार पाया वो बहुमुल्य हैं।

मेरी नानी की छवि एक ऐसी छवि थी जो नेतृत्व और ज्ञान से परिपूर्ण थीं, मुझे उनकी बातें बहुत लुभाती थीं, हालाँकि वे ज्यादा पढ़ी लिखी नही थीं पर उनमें ज्ञान अथाह था, वो सही मर्गदर्शक थीं, प्यार की सच्ची मूरत थीं,

हम सभी बहनें अपनी बचपन की सारी छुटियाँ  नानी के घर बितातें थे और नानी के किस्से और प्यार के साथ पता नही वो दो महीने गर्मियों के कैसे गुजर जातें थे,

बचपन दादी नानी के किस्से कहानियों के बिना पूर्ण नही होता है क्योंकि ज़िन्दगी का वो सफ़र बुजुर्गों के आशीर्वाद और उनके और प्यार के बिना अधूरा है।

Miss you naani…

माफ करना

कोई भी बुराई कर सकता है, निन्दा कर सकता है, शिकायत कर सकता है, पर समझने और माफ करने के लिए किसी को समझदार और संयमी होना पड़ता है,

 लोगो की आलोचना करने के बजाय हमें उन्हें समझने की कोशिश करना चाहिए की कोई अगर आपके प्रति नाराज है या आलोचक है तो वो किस कारण से ऐसा कर रहा है;

किसी को गलत ठहराने से ज्यादा बेहतर है की आप उस नजरिये को सोचो, इससे आपके अन्दर सहानभूति , सहनसक्ति और दयलुता जैसी भावनाये आएँगी , सबको समझने का मतलब है सबको माफ़ करना।

डॉ जॉनसन ने कहा था क़ि  ” भगवान खुद आदमी का मौत से पहले उसका फैसला नही करता ”                                              तो हम और आप ऐसा करने वाले कौन हैं??

माफ़ करना सीखो।।


बदलाव

बदलाव किसी भी समय लाया जा सकता है, चाहे हमारी उम्र कुछ भी हो,या आदतें कितनी भी पुरानी हो, अगर हमे मालूम है कि हमे क्या बदलने की जरूरत है तो हम किसी भी समय वक्त और अपनी ज़रुरत के हिसाब से अपने में बदलाव ला सकते हैं।

हमारा निर्माण आदतें करती हैं, ऐसा होना अच्छी बात है, क्योंकि अगर हमे हमेशा कुछ करने से पहले सोचना पड़े तो हम कोई भी काम ठीक से नही कर पाएंगे,  वैसे बदलाव  करने में कोई देर नही होती, हर अच्छा या बुरा तजरबा कुछ न कुछ फर्क पैदा करता है।

नए नए बदलने में , चाहें ख्याल या आदत या खुद की सख्सियत हो कुछ तो समय लगता है,मगर वक्त के साथ खुद में एक बार बदलाव हो जाए तो बदलाव जीवन को नए मायने देती हैं,  क्योंकि वक्त भी यही कहता है  कि  खुद को वक्त के हिसाब से बदल लो तो ज़िन्दगी आसान और खूबसूरत हो जायेगी।